रक्षाबंधन 2025 में राखी बांधने का सही तरीका और महत्व
रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्यार और स्नेह का पावन पर्व, हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। 2025 में यह त्योहार 10 अगस्त, रविवार को पड़ रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राखी किस हाथ में बांधनी चाहिए – दाएं या बाएं? इस सवाल का जवाब जानने के लिए लोग अक्सर गूगल पर सर्च करते हैं।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि राखी बांधने का सही हाथ कौन सा है, इसके पीछे का धार्मिक महत्व, वैज्ञानिक कारण, और कुछ रोचक तथ्य जो शायद आप नहीं जानते होंगे।
राखी बांधने का सही हाथ: दायां या बायां?
1. धार्मिक मान्यताएं और शास्त्रों के अनुसार
हिंदू धर्म में दाएं हाथ को शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। अधिकांश धार्मिक कार्य, जैसे पूजा, हवन, यज्ञ और मंत्र जाप, दाएं हाथ से ही किए जाते हैं। इसी कारण राखी भी भाई के दाएं हाथ में बांधी जाती है।
- स्कंद पुराण और धर्मशास्त्रों में उल्लेख है कि दाएं हाथ में राखी बांधने से भाई की दीर्घायु, सुरक्षा और समृद्धि की कामना पूरी होती है।
- महाभारत में भी द्रौपदी ने श्रीकृष्ण के दाएं हाथ में राखी बांधी थी, जिसके बाद उन्होंने चीरहरण के समय उनकी रक्षा की थी।
2. वैज्ञानिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद और न्यूरोसाइंस के अनुसार, दायां हाथ शरीर का सक्रिय और ऊर्जावान भाग होता है। इसे सूर्य नाड़ी से जोड़ा जाता है, जो शक्ति और स्फूर्ति का प्रतीक है।
- दाएं हाथ में राखी बांधने से भाई के शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- बायां हाथ चंद्र नाड़ी से जुड़ा होता है, जो शांति और स्थिरता का प्रतीक है। इसलिए, कुछ विशेष परिस्थितियों में ही बाएं हाथ में राखी बांधी जाती है।
किन परिस्थितियों में बाएं हाथ में बांधी जाती है राखी?

हालांकि दाएं हाथ में राखी बांधने की परंपरा प्रचलित है, लेकिन कुछ मामलों में बाएं हाथ में भी राखी बांधी जाती है:
- यदि भाई बाएं हाथ से काम करता हो (लेफ्ट-हैंडेड) – ऐसे में बहन उसकी सुविधा के हिसाब से बाएं हाथ में राखी बांध सकती है।
- भाई के दाएं हाथ में चोट या प्लास्टर लगा हो – अगर दायां हाथ किसी कारणवश उपलब्ध नहीं है, तो बाएं हाथ में राखी बांधी जा सकती है।
- कुछ विशेष परिवारिक परंपराएं – कुछ समुदायों में अलग रीति-रिवाज होते हैं, जिनके अनुसार बाएं हाथ में भी राखी बांधी जाती है।
रक्षाबंधन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें
1. राखी बांधते समय मंत्र
राखी बांधते समय यह मंत्र बोला जाता है:
“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।”
इसका अर्थ है – “जिस रक्षासूत्र से महान बलशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी से मैं तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षासूत्र! तुम अडिग रहना।”
2. राखी का रंग और डिजाइन
- लाल रंग की राखी सबसे शुभ मानी जाती है, क्योंकि यह शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है।
- सोने-चांदी के धागे वाली राखी धन और समृद्धि लाती है।
- रुद्राक्ष या कलावा वाली राखी स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा देती है।
3. रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 2025
2025 में रक्षाबंधन 10 अगस्त को है। शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 09 अगस्त, रात 09:42 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 10 अगस्त, रात 11:48 बजे
- राखी बांधने का सर्वोत्तम समय: सुबह 09:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक
रक्षाबंधन से जुड़े पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या बहन अपने बाएं हाथ में राखी बांध सकती है?
नहीं, बहन को राखी अपने दाएं हाथ में नहीं बांधनी चाहिए। राखी का संबंध भाई की रक्षा से है, इसलिए इसे भाई के हाथ में ही बांधा जाता है।
2. क्या विवाहित बहन भी राखी बांध सकती है?
हां, विवाहित बहन भी अपने भाई को राखी बांध सकती है। कुछ परंपराओं में विवाहित बहन भाई के घर जाकर राखी बांधती है, लेकिन आजकल यह प्रथा लचीली हो गई है।
3. अगर भाई दूर हो तो कैसे राखी भेजें?
आप ऑनलाइन राखी डिलीवरी सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं या वीडियो कॉल पर राखी का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
4. क्या राखी के दिन भाई को कुछ देना जरूरी है?
हां, भाई को बहन को उपहार या धन देकर उसकी रक्षा का वचन देना चाहिए। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
5. क्या राखी बांधने के बाद भाई को प्रणाम करना चाहिए?
जी हां, राखी बांधने के बाद भाई बहन के पैर छूकर आशीर्वाद ले सकता है, हालांकि यह परंपरा पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष: रक्षाबंधन का सही तरीका और भावना
रक्षाबंधन सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्यार और विश्वास का प्रतीक है। चाहे राखी दाएं हाथ में बांधी जाए या बाएं, सबसे जरूरी है भावना और संकल्प। इस बार 10 अगस्त 2025 को इस पावन पर्व को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाएं।
क्या आपने कभी बाएं हाथ में राखी बांधी है? अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट में शेयर करें!
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